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पेट और कमर कम करने के योगासन | Lose Belly Fat With Yoga in Hindi

पेट और कमर कम करने के योगासन (Lose Belly Fat With Yoga in Hindi) : पेट और कमर में जमी चर्बी कई तरह की परेशानियां उत्पन्न करती है। जैसे चलते चलने फिरने या फिर सीढ़ियां चढ़ने पर सांस फूलना, झुकने में तकलीफ होना आदि। मोटापे की वजह से डायबिटीज, स्ट्रोक, अर्थराइटिस, हाई ब्लड प्रेशर, कैंसर जैसी बीमारी होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इससे स्वास्थ्य से जुड़ी कई परेशानियां उत्तपन्न हो जाती है औए देखने में भी शरीर की बनावट बिगड़ी लगती है। आज के दौर में गलत खानपान और सही दिनचर्या न होने की वजह से मोटापा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। बहुत सारे लोग अपने वजन को कम करने के लिए तरह-तरह की कोशिश करते हैं। लेकिन इसके बावजूद मोटापा कम नही होता है। लेकिन भारतीय संस्कृत का सदियों से हिस्सा रहा योगासन पेट और कमर की को कम करने में बहुत मददगार हो सकता है। आज हम जानेंगे पेट और कमर कम करने के योगासन के बारे में – 

ताड़ासन –


ताड़ासन के बारे में कहा जाता है कि योगाभ्यास करने से पहले सबसे जरूरी आसन ताड़ासन है। यह पेट को कम करने के लिए शुरुआती आसन माना जाता है। इससे पूरे शरीर में खिंचाव किया जाता है और ऐसा करने से शरीर को ऊर्जा मिलती है।  इससे शरीर में ब्लड सरकुलेशन भी अच्छा होता है।

ऐसे करे –

  •  सबसे पहले सीधा खड़े होकर अपने पैरों, कमर और गर्दन को एक सीधी में लाएं।
  •  अब दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में फंसा कर इसे सिर के ऊपर गहरी सांस भरते हुए ले जाएं और अपने शरीर को ऊपर की तरफ खींचे।
  •  ध्यान रखे हथेलियां ऊपर आकाश की तरफ होनी चाहिए।
  • धीरे-धीरे अपनी एडियों को भी ऊपर की तरफ उठाएं और पूरे शरीर को पंजे के बल पर संतुलन में रखें।
  •  इस दौरान पँजे से लेकर ऊपर तक खिंचाव महसूस करें।
  •  कुछ देर तक इसी अवस्था में रहे।
  •  फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए पहली वाली स्थिति में वापस आ जाएं।
  •  इस तरह से कम से कम तीन चार बार इस प्रक्रिया को दोहराएं

त्रिकोणासन –


त्रिकोणासन करते समय शरीर को त्रिकोण जैसे मुद्रा में बनाना होता है। इसीलिए इसे त्रिकोणासन कहा जाता है। त्रिकोण का अर्थ होता है तीन कोण वाला और आसन का अर्थ होता है मुद्रा। इस आसन को करने से पेट की चर्बी कम करने में मदद मिलती है। इससे शरीर को खिंचाव मिलता है और शरीर में नई ऊर्जा का संचार होता है। इससे फेफड़े भी सही ढंग से काम करते हैं और स्वस्थ रहते हैं। जिन लोगों को कमर दर्द और साइटिका जैसी बीमारियां रहती हैं उनके लिए यह योगासन बहुत फायदेमंद है। यह कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में भी मददगार होता है। यह शरीर की मांसपेशियों को लचीला बनाने और तनाव को कम करने का काम करता है।

 ऐसे करें – 

  •  त्रिकोणासन करने के लिए दोनों पैर के बीच करीब 2 फीट की दूरी बना ले और हाथों को शरीर के साथ सीधा सटा करके रखें।
  •  अपनी बाहों को शरीर के दूसरे कंधे तक फैलाएं और सांस लेते हुए दाएं हाथ को ऊपर ले जाते हुए कान से सटा ले।
  • अब धीरे-धीरे सांस को छोड़ते हुए कमर को बाई तरफ झुकाए।
  •  ध्यान रहे दाँया हाथ कान से सटे और घुटने न मुड़ने पाए। बांएं हाथ को जमीन के समानांतर धीरे-धीरे करने का प्रयास करें और बाएं हाथ से बांये टखने को छूने की कोशिश करें।
  •  अब इसी मुद्रा में 10 से 30 सेकंड तक बने रहे।
  •  फिर अपनी सांसो को धीरे धीरे छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में आ जाए।
  •  बाएं तरफ के बाद दाएं तरफ भी ऐसी तरह प्रक्रिया करें।
  •  इस आसन के तीन से चार चक्र प्रतिदिन करना फायदेमंद होता है।

नौकासन –


नौकासन पेट पर जमी चर्बी को कम करने में बहुत मददगार होता है। यह वजन को कम करने में भी फायदेमंद है। नौकासन करने से चेहरे पर Glow आता है। इससे मांसपेशियां मजबूत होती है और कब्ज से जुड़ी समस्या भी दूर हो जाती है। यह आसन पाचन को बेहतर करने में बहुत मददगार होता है। यह आसन ढीली हो चुकी त्वचा में कसाव लाने का काम करता है।

ऐसे करे – 

  • मोटापे को कम करने में नौकासन काफी मददगार है। इसके लिए सबसे पहले सीधा लेट जाएं और गहरी सांस लें।
  •  लेट कर कंधे और और सिर को ऊपर उठाएं और एक सीधे में करें।
  • अब पैरों को ऊपर धीरे-धीरे उठाएं 
  • अपने हाथ पैर और कंधे को एक समांतर चित्र में दिखाई गई मुद्रा की तरह करें।
  •  धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए हाथ पैर को पहले की मुद्रा में वापस ला दे 
  • यह प्रक्रिया 3-4 बार प्रतिदिन करे।

भुजंगासन


भुजंगासन की चर्बी को कम करने में बहुत मददगार होती है। जिन लोगों की तोंद निकली हुई होती है उन्हें अपने पेट को अंदर करने के लिए इस आसन को करना चाहिए। इससे पेट के आसपास की चर्बी कम हो जाती है। कंधों और बाजू की मजबूती के लिए भी भुजंगासन बेहद फायदेमंद है। कमर के आसपास के मोटापे को कम करने में और कमर और पेट दर्द की समस्या को दूर करने में भी यह योगासन फायदेमंद है। इस आसन को करने से लीवर, गुर्दे को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। इससे कब्ज की समस्या दूर होती है और भूख बढ़ती है।

ऐसे करे – 

  • इस आसन को करने के लिए पेट के बल लेट जाएं।
  •  इसके बाद अपने दोनों हाथों को अपने छाती के साथ सीधी में ले।
  •  हाथों की हथेलियों को जमीन पर रखें और धीरे-धीरे सांस लेते हुए अपने सीने को ऊपर की तरफ उठाएं।
  •  ध्यान रखें अपने सीने को सिर्फ नाभि तक उपर से उठाना है। अब धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए पहले की अवस्था में वापस आ जाएं।
  • इस आसन को 8 से 10 बार प्रतिदिन करना फायदेमंद होता है।

कपालभांति –


कहा जाता है कि मनुष्य के शरीर में होने वाली ज्यादातर बीमारियों का कारण पेट है। जब पेट ठीक रहता है तो सेहत ठीक रहती है। वही पेट खराब होने पर सब कुछ बिगड़ने लगता है। कपालभाति को मानव जाति के लिए संजीवनी बताया जाता है। इसे करने से चमत्कारी लाभ होते हैं। यह पेट को कम करने और वजन को नियंत्रित करने में मददगार है। इससे पाचन सही रहता है और पेड़ से जुड़ी समस्याएं दूर हो जाती हैं। जिन लोगों को गैस एसिडिटी कब्ज की समस्या रहती है उन लोगों के लिए कपालभाति बहुत फायदेमंद है।

ऐसे करें – 

  • कपालभाति करने के लिए सबसे पहले सुखासन की मुद्रा में आंख बंद कर बैठ जाएं।
  •  अपने नाक से धीरे-धीरे सांस छोड़ना शुरू करें और सांस छोड़ते समय ध्यान रखें कि पेट अंदर की तरफ जाए।
  •  इस बात का विशेष ध्यान रखें कि सिर्फ सांस छोड़ना है लेना नहीं है।
  •  मुँह को बंद रखें।
  •  सांस लेने की प्रक्रिया खुद-ब-खुद होती रहती है 
  • जब तक संभव हो सके इसे करते रहे, नही तो कम से कम 20 से 25 बार जरूर से करें।

यह भी पढ़े : पेट,कमर और साइड की चर्बी कम करने के आसान उपाय

Archana Yadav

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