बीते कुछ दिनों से महाराष्ट्र में सियासी तूफान आया हुआ है, जिसके केंद्र में एकनाथ शिंदे हैं। वह आजकल महाराष्ट्र कि राजनीत का सबसे चर्चित चेहरा बने हुए हैं।

शिवसेना पार्टी के इतिहास में सबसे बड़ी बगावत करने वाले व्यक्ति एकनाथ शिंदे हैं। वर्तमान मे उन्हें 30 से भी ज्यादा विधायकों का समर्थन प्राप्त है

वह शिवसेना पार्टी की वर्तमान सरकार को गिराने की पूरी कोशिश में लगे हुए हैं।

यहां पर उन्होंने 11th तक की पढ़ाई की, उसके बाद वह वागले ऐस्टेट इलाके में रहकर ऑटो रिक्शा चलाने लगे।

इसी दौरान एकनाथ शिंदे की मुलाकात शिवसेना नेता आनंद दिघे से हुई और यहीं से उनका राजनीतिक कैरियर शुरू हुआ

एकनाथ शिंदे मात्र 18 वर्ष की आयु में अपना राजनीतिक कैरियर शुरू कर दिया था। वह एक आम शिवसेना कार्यकर्ता के रूप में अपना राजनीतिक कैरियर शुरू किए थे

करीब डेढ़ दशक तक वह शिवसेना कार्यकर्ता के रूप में काम किए इसके बाद 1997 में राजनीति की तरफ कदम बढ़ाया

एकनाथ शिंदे को ठाणे नगर निगम चुनाव में आनंद दिघे ने 1997 में पार्षद का टिकट दिया और वह अपना पहला चुनाव जीते।

राजनीतिक गुरु आनंद निधि के निधन के बाद इनकी पकड़ वहाँ की राजनीति में मजबूत हो गई। 

2019 के विधानसभा चुनाव के बाद एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री पद की रेस में शामिल हो गए। खुद आदित्य ठाकरे ने एकनाथ शिंदे के नाम का प्रस्ताव रखा

बताया जाता है कि कांग्रेस और एनसीपी का शिवसेना के साथ गठबंधन होने से एकनाथ शिंदे खुश नही थे। इसी के बाद उनके और उद्धव ठाकरे के बीच धीरे-धीरे दूरियां बढ़ने लगी।