Budget: कैसे तैयार करते हैं देश का बजट आइए जाने स्टेप बाय स्टेप प्रक्रिया

Budget 2022

Budget 2022: हर साल 1 फरवरी को हमारे देश में बजट पेश किया जाता है। यह बजट देश के लिए केंद्र सरकार द्वारा बनाया जाता है। इसे वित्त मंत्री द्वारा लोकसभा में पेश किया जाता है। बजट बनाने की प्रक्रिया बजट पेश करने से कई महीने पहले ही शुरू हो जाती है। आज हम जानेंगे केंद्रीय बजट कैसे तैयार करते हैं

बजट बनने की प्रकिया (Process of Budget Making) 

केंद्रीय बजट बनाने में कई काम होते हैं जिसे कई स्तर पर पूरा किया जाता है। वित्त मंत्रालय द्वारा अन्य मंत्रालयों, विभागों तथा नौकरशाहों की मदद से केंद्रीय बजट तैयार किया जाता है। बजट बनाने की तैयारी से संबंधित प्रारंभिक कार्य वित्त वर्ष के लिए किया जाता है। यह वित्त वर्ष शुरू होने से 5 से 6 महीने पहले ही शुरू हो जाता है। हमारे देश का वित्त वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च का है। ऐसे में हर वित्त वर्ष के लिए बजट बनाने की शुरुआत पांच छे महीने पहले अर्थात अगस्त सितंबर से ही प्रारंभ हो जाती है।

वित्त मंत्रालय के संबंधित मंत्रालय और विभाग के द्वारा उनके वित्तीय आय-व्यय के वर्तमान और पिछले वर्ष के राजस्व और अगले वित्त वर्ष के लिए वित्तीय आवश्यकताओं के बारे में विवरण प्राप्त करने के लिए दिशानिर्देश जारी होता है। साथ ही इसका प्रारूप भी भेज दिया जाता है। फिर संबंधित विभागों द्वारा जमीनी स्तर पर संबंधित अधिकारियों से आंकड़े एकत्रित किए जाते हैं और अनुमान के साथ संबंधित शीर्षक के अधिकारियों को भेज दिया जाता है।

संबंधित विभागों के शीर्ष अधिकारी आंकड़ों और अनुमानों की जांच करते हैं तथा आवश्यकतानुसार उसमें सुधार भी करते हैं, फिर संबंधित मंत्रालय को भेज देते हैं। संबंधित मंत्रालय इन आंकड़ों और अनुमानों की जांच करता है और इसे वित्त मंत्रालय को भेजता है। वित्त मंत्रालय इन प्राप्त आंकड़ों और अनुमानों को समीक्षा के लिए भेज देता है।

इन अनुमानों की जांच बेहद सावधानी से की जाती है। क्योंकि एक वित्त वर्ष की शर्तें कभी भी अन्य वित्त वर्ष के समान नही होती है।

 वित्त मंत्रालय द्वारा अपनाए गए समीक्षा दृष्टिकोण अन्य मंत्रालय द्वारा अपनाए गए दृष्टिकोण से अलग होता है। अन्य मंत्रालय और उसकी आवश्यकता नीतिगत मामलों से संबंधित होते हैं। हालांकि वित्त मंत्रालय ज्यादातर देश की अर्थव्यवस्था अन्य दूसरे मंत्रालयों की मांग फंड की उपलब्धता से संबंधित होता है।

वित्त मंत्रालय द्वारा आंकड़ो की समीक्षा –

वित्त मंत्रालय मौजूदा आर्थिक स्थिति और उपलब्ध संसाधनों के साथ अनुमानों को से संबंधित करता है। यह बेहद महत्वपूर्ण होता है। क्योंकि विभिन्न राजस्व आवंटन और कल्याणकारी उपायों को यह प्रभावित करता है।

अगले चरण में वित्त मंत्रालय द्वारा विभिन्न प्रशासनिक मंत्रालयों को राजस्व आवंटित किया जाता है। यदि संसाधनों के आवंटन के संबंध में किसी मंत्रालय के साथ कोई विवाद होता है तो यह मामला कैबिनेट में या फिर प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है और फिर लिए गए निर्णय को अंतिम माना जाता है।

वित्त मंत्रालय तब केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) और केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के साथ मिलकर अगले वित्त वर्ष के लिए राजस्व का अनुमान लगाता है। विभिन्न उद्योग व्यापार संगठन पेशेवर निकालो अर्थशास्त्रियों तथा सार्वजनिक क्षेत्र के क्षेत्र धारकों से प्राप्त किए गए सुझाव एवं विचारों पर विचार विमर्श करने के बाद अंतिम बजट बनाने के लिए रिपोर्ट को समेकित करते है।

बजट की छपाई – 

बजट दस्तावेज की छपाई आमतौर पर संसद में बजट पेश करने से एक सप्ताह पहले शुरू हो जाती है। छपाई की प्रक्रिया को भारत में “हलवा समारोह” के तौर पर जाना जाता है। यह भी भारतीय बजट प्रक्रिया में प्रथा के रूप में बजट का ही हिस्सा है। इसमें बजट तैयार करने वाले अधिकारी, सहायक कर्मचारी के अलावा वित्त मंत्री द्वारा हलवा तैयार किया जाता है और खाया जाता है।

हलवा समारोह की मेजबानी वित्त मंत्रालय द्वारा होती है, जो बजट कार्यक्रमों की आधिकारिक शुरुआत का एक प्रतीक है। अंतिम चरण में  छपाई के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा केंद्रीय बजट को संसद में पेश किया जाता है।

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