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Real Estate क्या है? रियल एस्टेट बिजनेस कैसे करें, जाने सब कुछ

What is Real Estate Business in Hindi

What is Real Estate in Hindi : रियल एस्टेट (Real estate) से तात्पर्य किसी बिल्डिंग या भूखंड से होता है। यह किसी व्यक्ति को एक विशेष स्थान या बिल्डिंग विशेष के बारे में अधिकार दिलाने में मदद करता है। साधारण बोलचाल की भाषा में कहें तो रियल एस्टेट से तात्पर्य प्लाट, मकान, दुकान, बिल्डिंग बनाने और खरीदने का कारोबार रियल एस्टेट के अंतर्गत आता है। और इस तरह के काम को रियल एस्टेट बिजनेस (Real estate business) कहा जाता है। आज के दौर में रियल स्टेट को चार भागों में डिवाइड कर सकते हैं। 

  • रेजिडेंशियल, 
  • कमर्शियल, 
  • इंडस्ट्रियल और 
  • भूखंड

रियल एस्टेट बिजनेस (Real Estate Business) – 

रियल एस्टेट बिजनेस एक बहुत बड़ा बिजनेस है। इसमें कमर्शियल हाउस, रेजिडेंशियल हाउस, इंडस्ट्रियल एरिया, बिल्डिंग आदि शामिल है। इसमें व्यवसाय के लिए निर्माण और रहने के लिए आवासीय निर्माण दोनों चीजे आती हैं। इसमें भूमि की खरीद बिक्री, विकास जैसी गतिविधियां शामिल है। यह आज के दौर में यह एक बहुत तेजी से बढ़ने वाला बिजनेस है। यह एक ऐसा बिजनेस है जिसमें लाभ कमाने का प्रतिशत बहुत अधिक रहता है। इसमें फ्लैट, घर, ऑफिस, जमीन की खरीद बिक्री, करके लाभ कमाया जा सकता है।

Real Estate Meaning in Hindi –

रियल स्एस्टेट दो शब्दों से मिलकर बना है। रियल (Real) का अर्थ होता है वास्तविक, एस्टेट (estate) का मतलब होता है स्थिति। इस तरह से हम कह सकते हैं कि रियल एस्टेट से मतलब वास्तविक एवं भौतिक संपत्ति से है। रियल स्टेट शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के शब्द Res से हुई है। जिसका अर्थ वस्तु से लगाते हैं। 

रेरा (RERA) क्या है?

रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट 2016 एक ऐसा कानून है जिसे भारतीय संसद द्वारा पास कर दिया गया है। इस कानून का मकसद रियल एस्टेट सेक्टर में ग्राहकों के निवेश को बढ़ाना और उनके हितों की रक्षा करना है। यह बिल 10 मार्च 2016 को राज्यसभा में पेश किया गया था। लोकसभा में इस बिल को 15 मार्च 2016 को पेश किया गया था और 1 मई 2016 से देश भर में इस कानून को लागू कर दिया गया है। 

इस कानून के तहत 59 सेक्शन 1 मई 2016 के नोटिफिकेशन जारी किए गए थे और बिक्री के प्रावधान को 1 मई 2017 से देशभर में लागू कर दिया गया है।

Real estate पर RERA का प्रभाव –

रियल एस्टेट इंडस्ट्री पर रेरा (RERA) कानून लागू हो जाने से कई तरह के अवसर देखने को मिलेंगे। 

  • शुरुआती तौर पर मौजूदा और नए रजिस्ट्रेशन पर लागत काफी कम हो गई है। 
  • RERA के आ जाने से घर खरीदने से जुड़े सभी विवादों का निपटारा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी और रियल स्टेट ऑफ इंडियन ट्रिब्यूनल द्वारा किया जाएगा। 
  • इन सभी मामलों में सिविल कोर्ट या फिर कंज्यूमर फोरम में मामले नहीं जाएंगे। ऐसे में मामलों का निपटारा तेजी से होगा। 
  • इससे समय रहते वक्त पर विवादों का निपटारा हो जाएगा।

Real Estate Business कैसे करे –

रियल एस्टेट बिजनेस में प्लाट, मकान, दुकान, बिल्डिंग, फ्लैट से जुड़ी काम किए जाते हैं। इनमें प्रॉपर्टी डीलर या फिर रियल एस्टेट एजेंट बन कर, जमीन, प्लॉट, दुकान, मकान, बिल्डिंग, फ्लैट को दिलवाने का काम होता है। बिल्डर मकान, दुकान, बिल्डिंग, फ्लैट बनाकर बेचते हैं। और कुछ बिल्डर ऐसे होते हैं जो दुकान, मकान, प्लाट, बिल्डिंग को किराए पर देते हैं। 

इस बिजनेस के अंदर कई तरह के काम किए जा सकते हैं जैसे मकान मालिक बने, फ्लिप प्रॉपर्टी, रियल एस्टेट एजेंट, रियल एस्टेट फोटोग्राफर, जमीन का व्यापार, प्रॉपर्टी मैनेजमेंट का काम, कंस्ट्रक्शन मैनेजमेंट का काम आदि आता है।

भारत में रियल एस्टेट का बिजनेस काफी आकर्षक बिजनेस बन गया है। कृषि के बाद यह दूसरा सबसे आकर्षक बिजनेस माना जाता है। रियल एस्टेट बिजनेस करने के लिए रियल एस्टेट एजेंट के रूप में लाइसेंस प्राप्त करना सबसे जरूरी काम है। इन दिनों राज्य सरकार द्वारा इस तरह के बिजनेस चलाने के लिए लाइसेंस को अनिवार्य कर दिया गया है। यह लाइसेंस जिला आयुक्त द्वारा जारी किया जाता है।

 सामान्य रूप से संपत्ति डीलर लाइसेंस बनाने के लिए ₹25,000 और कंपनी बनाने के लिए ₹50,000 के शुल्क के साथ रजिस्ट्रेशन करना होता है। रियल एस्टेट बिजनेस के लिए जीएसटी कानून (GST) के तहत यह टैक्सेबल (Taxable) है। ऐसे में रियल एस्टेट बिजनेस के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य है।

रियल एस्टेट बिजनेस शुरू करने से पहले किन बातों का ध्यान रखें –

  •  रियल एस्टेट बिजनेस करने से पहले एक अच्छा प्लान बनाएं, जिस पर बिजनेस शुरू करना चाहते हैं।
  •  बिजनेस का रजिस्ट्रेशन करवाएं, जिससे किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या से बचा जा सके और दूसरे लोगों का विश्वास प्राप्त किया जा सके।
  •  इसके लिए रियल एस्टेट से जुड़े सेमिनार अटेंड करें, जिससे रियल एस्टेट से जुड़ी जानकारी में इजाफा हो।
  • रियल एस्टेट बिजनेस करने के लिए कांटेक्ट बनाना बेहद जरूरी है।
  •  अपने कस्टमर को प्रॉपर्टी के बारे में गलत जानकारी देने से बचें, इससे छवि को नुकसान पहुंचता है।
  • इस बिजनेस को शुरू करने के लिए ज्यादा से ज्यादा समय इस बिजनेस को देना होता है।
यह भी जाने : पानी का बिजनेस कैसे करे, लागत और आवश्यक लाइसेंस, जाने पूरी जानकारी

Archana Yadav

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