नया सीखे

पानी का बिजनेस कैसे करे, लागत और आवश्यक लाइसेंस, जाने पूरी जानकारी

Mineral Water Business In India

Water Business : सेहतमंद रहने के लिए जितना जरूरी पौष्टिक आहार का सेवन है उससे कहीं ज्यादा जरूरी स्वच्छ पानी है। इंसान का शरीर 70 फ़ीसदी पानी से बना है। इंसान बिना खाना के तो जिंदा रह सकता है लेकिन बिना पानी के नहीं। स्वस्थ रहने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। शरीर में पानी की कमी न होने पाए। इसलिए पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। आजकल ज्यादातर बीमारियां अशुद्ध पानी और प्रदूषित हवा की वजह से फैल रही है। बढ़ते प्रदूषण के चलते कई सारे हानिकारक तत्व पानी में मिल जाते हैं और उनके सेवन से स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है। ऐसे में अशुद्ध पानी कई सारी गंभीर बीमारियों के लिए जिम्मेदार होते हैं। इसलिए आजकल लोग शुद्ध पानी का प्रयोग करने के लिए RO का पानी या मिनिरल वाटर का उपयोग करने लगे हैं । अब तो ऑफिस और होटल में भी मिनरल वाटर का प्रयोग किया जाने लगा है। बढ़ती मांग के चलते शहरों में मिनरल वाटर के प्लांट खूब लग रहे हैं। शहरों ही नही बल्कि अब तो गांवों में भी मिनरल वाटर का प्रचलन बढ़ा रहा है। ऐसे में यदि आप कोई बिजनेस करना चाहते हैं तो पानी का बिजनेस एक अच्छा मुनाफा कमाने वाला बिजनेस हो सकता है।

Mineral Water Business में इस्तेमाल होने वाली मशीन के नाम : 

मिनरल वाटर का प्लांट लगाने के लिए सबसे अनिवार्य मशीन RO मशीन होती है। यह पानी की क्षमता के अनुसार मिल जाती है। इसे तीन साढे तीन लाख में आसानी से खरीदा जा सकता है। इसके अलावा पानी  को फिल्टर करने के लिए अन्य विकल्प भी मौजूद है। लेकिन RO मशीन एक बेस्ट विकल्प माना जाता है। मिनरल वाटर बिजनेस में आरओ (RO) मशीन के अलावा अन्य मशीनरी की भी जरूरत होती है जिसमें पाइप और पैकिंग भी शामिल है। पानी के बिजनेस के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ मशीन उपकरण के नाम इस प्रकार से है –

  •  ट्रीटमेंट टैंक 
  • फ्लोरेंटाइज वाटर स्टोरेज टैंक 
  • सैंड फिल्टर 
  • एक्टिवेटेड कार्बन 
  • फिल्टर 
  • क्लोरीन टैंक एंड वाटर फिल्टर।

Mineral Water Business के लिए आवश्यक लाइसेंस : 

हमारे देश में कोई भी बिजनेस स्टार्टअप शुरू करने के लिए कुछ डॉक्यूमेंट और सरकार की परमिशन और लाइसेंस लेना जरूरी होता है। मिनरल वाटर का बिजनेस करने के लिए भी कुछ लाइसेंस सरकार ने अनिवार्य कर दिए हैं। सबसे पहले एक रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। इसके बाद छोटे स्तर पर एक इंडस्ट्रियल सर्टिफिकेट का AOA और MOA की आवश्यकता होती है। इसके अलावा पानी को टेस्ट करने के लिए एक लाइब्रेरी की रिपोर्ट की भी जरूरत होती है। पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट और खाद्य विभाग से परमिशन की भी आवश्यकता होती है। इन सबके अलावा भारतीय मानक से IOS का लाइसेंस लेना भी जरूरी है। इसके लिए बीआईएस पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। भारत में पैकेजिंग ड्रिंकिंग वाटर के लिए लाइसेंस अनिवार्य है। इसे स्थानी सरकार से लिया जा सकता है। 

RO प्लांट के लाइसेंस कहाँ से ले :

इसके लिए ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स नई दिल्ली में आवेदन करके भी कंपनी का रजिस्ट्रेशन करके मिनरल वाटर प्लांट के लिए लाइसेंस किया जा सकता है। रजिस्ट्रेशन के बाद ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड के अधिकारी मौके पर पानी के नमूने की जांच करते हैं और फिर अनुमति दे देते हैं। फिर जिला खाद्य विभाग में आवेदन करना होता है। औषध प्रशासन विभाग भौतिक जांच करने के बाद वाटर प्लाट के लिए लाइसेंस देता है। लेकिन इसके पहले मशीनों के गुणवत्ता पानी की गुणवत्ता की जांच की जाती है। इसके अलावा औषधि प्रशासन विभाग के द्वारा जिला पंचायत नगर निगम से एनओसी लेना अनिवार्य है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी अनुमति लेना अनिवार्य है। अगर आप अपने स्टार्टअप में श्रमिकों से काम ले रहे हैं, तो इसके लिए श्रम विभाग में पंजीकरण भी अनिवार्य है।

Mineral Water Business को लागत : 

पानी का बिजनेस करने के लिए मोटे तौर पर अगर इसकी लागत की बात की जाए तो बोरिंग मशीन, आरओ मशीन, पैकिंग मशीन की आवश्यकता रहती है। इन मशीनों को चलाने के लिए बिजली का कमर्शियल कनेक्शन भी जरूरी होता है। अगर आप को पाउच या बॉटल तैयार करना है तब इसके लिए पाऊच या बोतल पर पैकिंग की तारीख, उपयोग की तिथि, बैच नंबर, लाइसेंस नंबर आदि को प्रिंट होना जरूरी है। आरओ मशीन 5000 लीटर प्रति घंटे से 10000 लीटर प्रति घंटे तक की आती है। इनकी लागत 3 से 3.5 लाख तक आती है। इस तरह से हम मोटे तौर से कह सकते हैं कि पानी का बिजनेस करने के लिए कम से कम 10 लाख पूंजी निवेश की जरूरत होती है। जिसमें कम से कम 5 स्टाफ और उनके वेतन डिलीवरी वैन आदि भी शामिल है।

RO प्लांट के लिए Loan : 

पानी का बिजनेस करने के लिए और आरो का पानी लगाने के लिए सरकारी और गैर सरकारी बैंको द्वारा लोन दिया जा सकता है। किसी भी बैंक द्वारा आपको आप के RO प्लांट के प्रोजेक्ट के अप्रूवल हो जाने के बाद 10 लाख तक का लोन मिल सकता है।

इसे भी देखे : क्या है चारकोल फेसमास्क? इसको लगाने का सही तरीका, फायदे और नुकसान

Archana Yadav

मुझे नए नए टॉपिक्स में लेख लिखना पसंद हें, मेरे लेख पढ़ने के लिए शुक्रिया आपको केसा लगा कॉमेंट करके ज़रूर बताए.

Related Articles

Back to top button