अजब ग़ज़ब रोचक

पर्यटकों के बीच पिंक सिटी के नाम से मशहूर यह है जयपुर का इतिहास

गुलाबी नगरी जयपुर | History of Pink City in Hindi

History of Pink City Jaipur in Hindi : जयपुर भारत के सबसे बड़े राज्य राजस्थान की राजधानी है। यह राजस्थान का सबसे बड़ा शहर है। जिसे गुलाबी नगरी या फिर पिंक सिटी (Pink city) के तौर पर भी जाना जाता है। इस शहर की स्थापना आमेर के महाराजा सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा की गई थी। साल 2019 में यूनेस्को द्वारा इसे वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा मिला। जयपुर अपने समृद्ध भवन निर्माण, परंपरा संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व की वजह से पर्यटकों के बीच प्रसिद्ध है। यह शहर तीन तरफ से अरावली पर्वत से घिरा हुआ है। जयपुर शहर के महलों और पुराने घरो की शोभा गुलाबी पत्थर की वजह से होती है, जो यहां पर काफी ज्यादा देखने को मिलते हैं। 

1876 की बात है.. भारत मे ब्रिटिश शासन था। तब तत्कालीन महाराजा सवाई जयसिंह ने इंग्लैंड की महारानी एलिजाबेथ, प्रिंस ऑफ वेल्स युवराज के स्वागत में इस पूरे शहर को गुलाबी रंग में सजवा दिया था, तभी से जयपुर को गुलाबी नगरी के नाम से जाना जाने लगा। 

महाराजा जयसिंह के नाम पर ही इस शहर का नाम जयपुर रखा गया। जयपुर भारत के टूरिस्ट सर्किट गोल्डन ट्रायंगल का हिस्सा भी रहा है। इस गोल्डन ट्रायंगल में दिल्ली, आगरा और जयपुर आते हैं। अगर भारत के मानचित्र को देखा जाये तो लोकेशन देखने पर यह एक त्रिभुज (Triangle) के रूप में दिखता है। इसी वजह से इसे भारत का स्वर्णिम त्रिभुज (इंडियन गोल्डन ट्रायंगल) भी कहा जाता है। यह देश की राजधानी दिल्ली से 280 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

जयपुर शहर दीवारों और पर्वतों से घिरा हुआ शहर है। इस शहर में प्रवेश करने के लिए 7 दरवाजे हैं, इसमें एक और गेट बन गया है जिसे न्यू गेट के नाम से जाना जाता है। इस तरह से पूरा शहर छह भागों में बांटा गया है। इसके 5 भाग मध्य, प्रासाद भाग को पूर्वी, दक्षिण, पश्चिमी और पश्चिमोत्तर से जुड़े हुए हैं। छठा भाग पूर्व में स्थित है। प्रासाद भाग में हवा महल परिसर, व्यवस्थित उद्यान और एक छोटी सी झील स्थित है। इसके पुराने शहर के उत्तर पश्चिम और नाहरगढ़ दुर्ग स्थित है। जो शहर के लिए मुकुट के समान दिखाई पड़ता है। मध्य भाग में सवाई जयसिंह द्वारा बनाया गया जंतर मंतर वेधशाला स्थित है ल, जो विश्व प्रसिद्ध है।

 आज जयपुर को शहरी योजना द्वारा बसाये गए सबसे नियोजित और व्यवस्थित शहर में गिनते हैं। यहां पर ब्रिटिश शासन के समय कछवाहा समुदाय का शासन था। 19वीं सदी में शहर का विस्तार भी किया गया गया था।

Pink City के प्रमुख उद्योग –  

Pink city या गुलाबी शहर जयपुर के प्रमुख उद्योगों में धातु, संगमरमर, वस्त्र छपाई, हस्तकला, रत्न आभूषणों का आयात – निर्यात, पर्यटन उद्योग प्रमुख रूप से शामिल है। 

जयपुर को भारत का पेरिस भी कहते हैं। जयपुर शहर के वास्तु के बारे में कहा जाता है कि शहर को सूत से नाप लीजिए तो नाप जोख में एक बाल के बराबर भी आपको अंतर देखने को नहीं मिलेगा। जयपुर जैसे धरोहर होना हमारे देश भारत के लिए गर्व की बात है और सरकार इस धरोहर को सजावट का पूरा ख्याल रखती है।

architecture, building, palace, old, city, wall, stone, panorama, downtown, tourist, travel, museum, opera house, plaza, asia, landmark, facade, residence, historic, tourism, pink, empire, king, culture, famous, india, royal, traditional, jaipur, rajasthan, hinduism, maharaja, king palace

स्वतंत्रता से पहले जयपुर का इतिहास (History of Jaipur before Independence) – 

17 वीं शताब्दी में जब मुगल शासन अपनी ताकत धीरे-धीरे खोने लगा था तब उस समय भारत में अराजकता फैल रही थी। ऐसे में राजपूताना की आमेर रियासत एक बड़ी ताकत के रूप में उभर कर आई थी। तत्कालीन राजा महाराजा सवाई जयसिंह तब मीलों के दायरे में फैले अपने साम्राज्य को संभालने और सुचारू रूप से चलाने के लिए उन्हें आमेर छोटा लगने लगा था। तब उन्होंने अपनी नई राजधानी के रूप में जयपुर शहर की कल्पना की थी। 

सवाई राजा जयसिंह ने जब शहर बसाने की कल्पना की तो उसकी सुरक्षा भी उनके लिए एक चिंता का विषय था। अपनी नई नगरी जयपुर की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उन्होंने सात मजबूत दरवाजे के साथ किलाबंदी कराई थी। मराठों के हमले की चिंता से अपनी राजधानी की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी बनाए थे। 

इतिहास की पुस्तकों में भी जयपुर के इतिहास में यही लिखा है कि यह शहर पूरी तरीके से योजनाबद्ध तरीके से बनाया गया था और तत्कालीन राजा जयसिंह ने अपनी राजधानी आमेर की बढ़ती आबादी और पानी की समस्या को ध्यान में रखकर इस शहर को विकसित करवाया था। इस शहर का निर्माण 1726 में शुरू हुआ था। प्रमुख स्थानों को बनने में 4 साल का समय लगा था। इस शहर को प्रमुख रूप से नौ खंडों में विभाजित किया गया है जिसमें दो खंड राजकीय इमारतों और राज महलों के है। महाराजा सवाई जयसिंह ने एक बंगाली ब्राह्मण विद्याधर चक्रवर्ती को जिनके दिलचस्पी वास्तुकला में थी, उनकी असाधारण योग्यता से प्रभावित होकर नई राजधानी की नगर योजना बनाने का निर्देश दिया था। जब यह शहर बसाया गया था तब यह गुलाबी नही बल्कि सामान्य नगरों की ही तरह था। यह वेल्स के राजकुमार और महारानी एलिजाबेथ के स्वागत में 1876 में गुलाबी रंग में रंग दिया गया। जिसका जादुई आकर्षण देखते बनता था और तभी से नया शहर गुलाबी नगरी के नाम से लोगों के बीच प्रसिद्ध हो गया।

 लगभग 200 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्रफल में फैला जयपुर जल महल, जंतर मंतर, आमेर महल, नाहरगढ़ का किला, हवामहल, आदि किलो में वास्तुशिल्प के नमूने देखे जा सकते हैं।

Toulouse, Pink City, Pink, Sunset, Romantic, Rosa, City,History of Pink City Jaipur in Hindi

जयपुर की बनावट – 

जयपुर शहर नियोजित तरीके से बसाया गया था। यहां पर महाराजा के लिए महल, ओहदेदारों के लिए हवेली,  आम नागरिकों के लिए भी आवास वालों राजमार्ग बताए गए हैं। गलियों व सड़कों का निर्माण वास्तु के अनुसार ज्यामिति तरीके से बनाया गया था। इस नगर के चारों ओर एक परकोटा भी बनाया गया है। इस शहर की बसावट के समय पुराने दुर्गा में हथियार बनाने का कारखाना बनाया गया था जिसे देख आज वैज्ञानिक आश्चर्यचकित होते हैं। कारखाने और पूरे शहर का निर्माता सवाई जयसिंह ने जयपुर में कई खंडों में बसाया जिसे चौकड़ी कहा जाता है। सबसे बड़ी चौकड़ी सरहद में राजमहल, रानीवास, जंतर मंतर,गोविंद देव जी का मंदिर है। दूसरे ।के जोगणिया में नागरिक आवास, हवेलियां और कारखाने है। महाराजा ने इस शहर को इस तरह से बताया कि नागरिकों की मूलभूत आवश्यकताओं में किसी भी प्रकार की कोई कमी न होने पाये। सिंचाई, पेयजल व्यवस्था बाग बगीचे, कारखाने, वर्षा जल संरक्षण, जल निकासी का प्रबंध बेहतर ढंग से हुआ है।

 इस शहर ने हस्तकला, गीत संगीत, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र को प्रोत्साहित किया। 

जयपुर की वर्तमान स्थिति –

समय के साथ साथ जयपुर की रंगत बदल रही है। हाल में ही जयपुर को विश्व का सबसे खूबसूरत शहरों में शामिल कर लिया गया है। यहाँ एशिया की सबसे बड़ी आवासीय बस्ती, राज्य का सबसे बड़ा सवाई मानसिंह चिकित्सालय, विधानसभा भवन, अमर ज्योति जवान, ज्योति सेंट्रल पार्क, विश्व प्रसिद्ध बैंक यहां पर है। यहीं पर स्थित है चमचमाती सड़कें, बहुमंजिला शॉपिंग मॉल, आज होने आधुनिकता को छूती हुई आवासीय कालोनियां इस महानगर में देखने को मिलते हैं। पुराने जयपुर में नई और पुरानी संस्कृति के दर्शन हो जाते हैं। 

File:Jaipur - Pink City 5.jpg

जयपुर वक्त के साथ भले ही बदल गया।  लेकिन इसके व्यंजनों का जायका आज भी बरकरार है। यहां की प्रसिद्ध व्यंजनों में दाल बाटी चूरमा, सब्जी, मालपुआ प्रमुख रूप से प्रसिद्ध है।

जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थल –

जयपुर पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा है। यहां पर कई सारे ऐसे खूबसूरत ऐतिहासिक स्थल हैं जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। यही कारण है कि देश और विदेश से लाखों की संख्या में हर साल पर्यटक यहां पर आते रहते हैं। जिसमे विशेष आकर्षण का केंद्र जंतर मंतर, हवा महल, सिटी पैलेस, गोविंद देव जी का मंदिर, बी एम बिरला तारामंडल, जयपुर दुर्ग है। 

आज के यहां के बाजारों में रंग-बिरंगे सामानों की भरमार देखने को मिलती है। यहां पर हथकरघा उत्पाद, बहुमूल्य पत्थर, हस्तकला से युक्त वनस्पति रंगों से बनाए गए वस्त्र, मीनाकारी आभूषण, पीतल का सजावटी सामान, नागरा मोजरी जूतियां, ब्लू पॉटरी, हाथी दांत के हस्तशिल्प से विशेष रूप से प्रसिद्ध है। 

प्रमुख बाजारों में जोहरी बाजार, बापू बाजार, नेहरू बाजार, चौरा रास्ता, त्रिपोलिया बाजार, एम आई रोड बाजार प्रसिद्ध है।

यह भी जाने:  जानते है राजस्थान के कुछ ऐतिहासिक स्थलों के बारे में

Archana Yadav

मुझे नए नए टॉपिक्स में लेख लिखना पसंद हें, मेरे लेख पढ़ने के लिए शुक्रिया आपको केसा लगा कॉमेंट करके ज़रूर बताए.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button