शेयर मार्केट

प्रायमरी मार्केट क्या है शेयर बाजार में इसका क्या महत्व होता है

प्रायमरी मार्केट (Primary Market) से आशय जब कोई कंपनी अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पूंजी (Capital) जुटाना चाहती है तो कंपनी निवेशकों (Investor) को आकर्षित करने के लिए शेयर (Share) जारी करती है।

कंपनी द्वारा यह सारी प्रक्रिया प्राइमरी मार्केट (Primary Market) में ही की जाती है। पहले कंपनी आईपीओ (IPO) के जरिए निवेशकों से पूंजी इकट्ठा करती है। और अपने शेयर को आईपीओ (IPO के माध्यम से शेयर बाजार में लिस्टेड करती है।

शेयर मार्केट में निवेश करने से पहले शेयर मार्केट के फायदों के साथ-साथ इसके जोखिम की भी पूरी जानकारी से अवगत होना जरूरी है। शेयर बाजार पूरी तरीके से वैज्ञानिक तरीके से चलती है। प्राइमरी मार्केट (Primary Market) से पूंजी उगाही को लेकर शेयर मार्केट में लिस्टेड होने, सेकेंडरी मार्केट (Secondary Market) में शेयर की खरीद व बिक्री की पूरी प्रक्रिया स्टॉक एक्सचेंज के नियम के तहत ही होती है।

शेयर बाजार में निवेश करने से पहले सबसे जरूरी है डीमैट अकाउंट।  डिमैट अकाउंट के बिना आप शेयर बाजार में कभी भी निवेश नहीं कर सकते हैं। चाहे आप प्रायमरी मार्केट (Primary Market) में निवेश करना चाहे या फिर सेकेंडरी मार्केट में निवेश करना चाहे। आपके पास डिमैट अकाउंट होना चाहिए।

डिमैट अकाउंट क्या होता है डिमैट अकाउंट कैसे खोले जाने के लिए देखें :  खुद से Demat Account कैसे खोले, Step by Step पूरी जानकारी

Primary Market में कैसे निवेश करें?

यदि आप शेयर बाजार में निवेश करने का प्लान कर लिए हैं, तब सबसे पहले आप जिस कंपनी में निवेश करना चाहते हैं उसके बारे में पूरी जानकारी इकट्ठा कर लें। जैसे – कंपनी का बिजनेस मॉडल क्या है? उसका क्वार्टरली रिजल्ट क्या है? एनुअल रिजल्ट क्या है? बुक वैल्यू क्या है? फिर आप अपने ब्रोकर की मदद से निवेश कर सकते हैं।

 इसके अलावा आप म्युचुअल फंड के जरिए भी लंबी अवधि के लिए शेयर मार्केट में निवेश कर सकते हैं। औसतन यदि आप 5 से 6 साल के लिए निवेश करते हैं तो आपको इससे सालाना 16 से 18% तक रिटर्न मिलता है।

शेयर बाजार में निवेश करते समय बरतें सावधानी – 

 शेयर बाजार में निवेश करने के लिए जब हम शेयर को चुनते हैं, तब हमें सबसे पहले उस कंपनी के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए। कंपनी के वैल्यूएशन और कंपनी की परफॉर्मेंस को देखने के बाद ही कंपनी के शेयर को खरीदना चाहिए। हमेशा जब भी IPO या फिर सेकेंडरी मार्केट में निवेश करें तो सावधानी से अपना पैसा लगाएं।

 अपना पोर्टफोलियो बनाने से पहले कुछ बातों का विशेष ध्यान रखें। जैसे – निवेश की शुरुआत छोटे स्तर से करें, किसी एक सेक्टर के शेयर को अपने पोर्टफोलियो में ज्यादा न रखें। इसके अलावा अच्छे फंडामेंटल वाले कंपनी में ही निवेश करने को प्राथमिकता दें। 

यह भी देखे : ब्लू चिप शेयर क्या है? यह कैसे काम करता है?

Archana Yadav

मुझे नए नए टॉपिक्स में लेख लिखना पसंद हें, मेरे लेख पढ़ने के लिए शुक्रिया आपको केसा लगा कॉमेंट करके ज़रूर बताए.

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