शेयर मार्केट

आइये जानते है ट्रेडिंग अकाउंट और डीमैट अकाउंट में अंतर

Difference between Trading account and Demat account in Hindi

ट्रेडिंग अकाउंट – ट्रेडिंग अकाउंट (Trading Account) वह है जिसमें आप एक निश्चित धनराशि को जमा करते हैं और उसके माध्यम से शेयर मार्केट के शेयरों की खरीद और बिक्री को कर सकते हैं। ट्रेडिंग अकाउंट के बारे में अधिक जानकारी के लिए देखें : आइये जानते है ट्रेडिंग अकाउंट क्या है? कैसे करें ऑनलाइन ट्रेडिंग

डीमैट अकाउंट – शेयर बाजार में शेयर की खरीद और बिक्री डीमैट अकाउंट (Demat Account) के माध्यम से होती है। ट्रेडिंग अकाउंट से खरीदे गए शेयरों को डीमैट अकाउंट में ही रखा जाता है। डीमैट अकाउंट के बारे में अधिक जानकारी के लिए देखें : आइए जानते हैं क्या होता है डीमैट अकाउंट, इसे कैसे खोलते हैं

डीमैट एकाउंट और ट्रेडिंग एकाउंट में अंतर (Difference between Trading account and Demat account in Hindi): डीमैट

  • डीमैट एकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट के बीच एक प्रमुख अंतर यह है कि एक डीमैट अकाउंट में विभिन्न प्रतिभूतियां जैसे शेयर प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों को इलेक्ट्रॉनिक रूप में खरीद कर रखा जाता है। इस अकाउंट का इस्तेमाल शेयर बाजार में प्रतिभूतियों को खरीदने और बेचने के लिए किया जाता है।
  • डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट दोनों का उद्देश्य अलग है। लेकिन दोनों में काफी निकटता भी पाई जाती है। वास्तव रूप में देखा जाए तो बाजार की गतिविधियों में ट्रेडिंग अकाउंट, डीमैट अकाउंट और बैंक अकाउंट, इन तीनों ही एकाउंट के बीच परस्पर क्रिया प्रतिक्रिया होती रहती है।
  • डीमैट अकाउंट और ट्रेडिंग अकाउंट में प्रमुख अंतर यह है कि ट्रेडिंग अकाउंट में एक समय अवधि में आपको पूंजी बाजार के लेनदेन को कैप्चर कराया जाता है जबकि डीमैट अकाउंट में एक समय में शेयरों और अन्य प्रतिभूतियों की खरीद बिक्री को रखा जाता है। ट्रेडिंग अकाउंट एक समय में शेयरों लेनदेन के प्रवाह के बारे में बताता है। वही डिमैट अकाउंट धन प्रवाह को कैप्चर करने का काम करता है।
  • एक ट्रेडिंग अकाउंट में समय अवधि के बारे में जानकारी मिलती है। यह समय अवधि 1 महीने, 3 महीने 1 वर्ष आदि में हो सकती है। वहीं एक डीमैट अकाउंट में प्रतिभूतियों के स्वामित्व के रिकॉर्ड की जानकारी दी होती है जिसे एक निश्चित समय पर मापा जाता है। आमतौर पर इसे एक वित्तीय वर्ष (31 मार्च) में मापते हैं।
  • यदि आप किसी भी कम्पनी के शेयर को खरीद कर रखना चाहते हैं और उन्हें बेचना नहीं चाहते हैं तो इसके लिए अकेले डीमैट अकाउंट पर्याप्त है। लेकिन यदि आप अपने शेयरों को बेचना चाहते है तो इसके लिए पहले आपके पास ट्रेडिंग अकाउंट होना अनिवार्य है। ट्रेडिंग अकाउंट को डीमैट अकाउंट से जोड़ा जाता है। इसके बाद ही शेयरों की खरीद बिक्री हो पाती है।

संक्षेप में कहे तो डीमैट अकाउंट निवेशकों द्वारा खरीदे गए शेयर को इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में रखने से संबंधित है। वही ट्रेडिंग अकाउंट शेयर बाजार में शेयर को खरीदने और बेचने के लिए प्रयोग किया जाता है। ट्रेडिंग अकाउंट के माध्यम से शेयर बाजार में शेयरों की खरीद और बिक्री आसान हो जाती है। 

एक डीमैट अकाउंट सेविंग अकाउंट की तरह ही काफी हद तक काम करता है क्योंकि जिस तरीके से एक सेविंग अकाउंट में आप पैसे रख सकते हैं उसी तरह से एक डीमैट अकाउंट में शेयर मार्केट से शेयर व अन्य दूसरी प्रतिभूतियों को रख सकते हैं।

यह भी देखे : आइये जानते है शेयर ट्रेडिंग क्या है?| What is Share Trading in Hindi

Archana Yadav

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