शेयर मार्केट

आइये जाने Insider Trading क्या होती है, यह काम कैसे करती है?

Insider Trading: आजकल लोगों में शेयर मार्केट में पैसा लगाकर कमाने का Trend शुरू हो गया हैम ऐसे में यह जानना जरूरी है कि इंसाइडर ट्रेडिंग क्या है और कैसे काम करती है?

ज्यादातर लोग शेयर मार्केट में पैसा सिर्फ पैसा कमाने के मकसद से लगाते हैं। इसमे थोड़ी सी जानकारी के साथ बहुत सारे लोग कामयाब हो जाते हैं। वहीं बहुत से ऐसे Trader भी होते हैं जिन्हें शेयर मार्केट से जुड़े ज्यादा जानकारियां नही रहती है। ऐसे में जानकारी के अभाव के चलते में ऐसे लोग अपनी जमा पूंजी भी खो देते हैं।

 शेयर मार्केट में पैसा कमाने के लिए सबसे जरूरी है कि पहले शेयर मार्केट के बारे में जानकारी हासिल कर ली जाये। बिना जानकारी के इसमें पैसा लगाना समझदारी नहीं है।

जैसा कि आप जानते हैं शेयर मार्केट में इन्वेस्ट (invest) करने और ट्रेड (trade) करने के लिए आपके पास एक डीमैट अकाउंट (Demat Account) होना जरूरी है। आप डीमैट अकाउंट ऑनलाइन खुद से भी खोल सकते हैं। डीमैट अकाउंट खुद से कैसे खोलने के लिए देखें : खुद से Demat Account कैसे खोले, Step by Step पूरी जानकारी

Insider Trading क्या है (What is Insider Trading)?

इंसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) एक सार्वजनिक कंपनी के स्टॉक (stock) या बांड(bond) का व्यापार करना है। इसमें कंपनी के बारे में जानकारी गैर पब्लिक जानकारी पर Based होती है।

 Insider Trading Meaning : एक तरह से विभिन्न देशों में अंदरूनी जानकारी के आधार पर कुछ प्रकार का व्यापार करना अवैध है। ऐसे में इसे दूसरे निवेशक (investor) के साथ अन्याय के रूप में इसे देखा जाता है। कंपनी की अन्दरूनी बातों की जानकारी जिनके पास होती है वे अन्दरूनी जानकारी न रखने वाले निवेशक से अधिक लाभ कमाते हैं।

Insider Trading को कंट्रोल करने के नियम काफी कठिन है। यह एक देश से दूसरे देश में काफी अलग होते हैं। प्रवर्तन की सीमा भी एक देश से दूसरे देश में अलग होते हैं। ऐसे में किसी एक क्षेत्र में इंसाइडर ट्रेडिंग की परिभाषा व्यापक हो सकती है। इसमें सिर्फ इनसाइडर ट्रेडर को ही नही शामिल किया जाता बल्कि संबंधित किसी भी व्यक्ति जैसे सहयोगी, पारिवारिक सदस्य, दलाल आदि को भी कवर किया जाता है।

जब एक व्यक्ति गैर सार्वजनिक जानकारियों की जानकारी रखता है और उसके आधार पर ट्रेडिंग (Trading) करता है तब उसे इस अपराध का दोषी भी समझा जाता है। 

 इंसाइडर ट्रेडिंग अवैध क्यो है (Why Insider Trading is illegal)

इंसाइडर ट्रेडिंग (Insider Trading) को अवैध (illegal) माना जाता है क्योंकि यह अपराध के दायरे में आता है। इंसाइडर ट्रेडिंग में ट्रेडर जिस कंपनी के स्टॉक में ट्रेड करना चाहता है, अगर वह प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर से कंपनी में जुड़ा होता है तब उसे कंपनी से जुड़े गैर सार्वजनिक जानकारियां भी मालूम होती है और उसी के आधार पर वह स्टॉक मार्केट में पैसा लगाकर लाभ (profit) कमा लेता है और घाटे (Loss) से बच जाता है।

कहने का मतलब इंसाइडर ट्रेडर के पास कंपनी की रिपोर्ट, कंपनी की परफॉर्मेंस आदि के बारे में पहले से ही जानकारी होती है। जिससे वहां प्रॉफिट कमा लेता है और घाटे (Loss) से बस जाता है।

वही जिनके पास इंसाइडर ट्रेडिंग के बारे में जानकारी नहीं होती है वह आम पब्लिक की तरह ट्रेडिंग करते हैं। ऐसे में उन्हें कंपनी की परफॉर्मेंस की अन्दरूनी जानकारी नही होती। आम तौर पर गैर इनसाइडर ट्रेडर को कम्पनी के बारे में गैर सार्वजनिक जानकारियां मालूम नहीं रहती है। ऐसे में उन्हें कई बार घाटे (Loss) का भी सामना करना पड़ता है।

Trading के प्रकार –

 शेयर मार्केट में ट्रेडिंग कई प्रकार से होती है, जिसमें इक्विटी कैश, इक्विटी डेरिवेटिव कमोडिटी करेंसी, कई सेगमेंट में ट्रेडिंग की जाती है। प्रमुख रूप से ट्रेडिंग दो प्रकार से होती है –

  •  Delivery (Carry Forward) 
  • Intra Trading 

भारत में ज्यादातर ट्रेडिंग इक्विटी कैश डेरिवेटिव और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में ही होती है। 

Delivery Equity Cash के लिए प्रयोग में लाते हैं, जबकि carry forward Equity Derivatives और MCX ट्रेडिंग के लिए इस्तेमाल करते हैं।

लेकिन अगर इससे थोड़ा सा हटकर एक ट्रेडिंग भी लोग करते हैं जिसे इनसाइडर ट्रेडिंग के नाम से जानते हैं।

Insider Trading के नुकसान – 

इंसाइडर ट्रेडिंग के नुकसान के तौर पर हमारे देश में विभिन्न प्रकार के स्कैम है। जिसमें सबसे Famous Scame हर्षद मेहता स्कैम 1992 है। लेकिन अगर देखा जाए तो आज जितने बड़े-बड़े इन्वेस्टर और ट्रेडर्स के नाम से हम रूबरू हैं कहा जाता है ज्यादातर वे सभी इंसाइडर ट्रेडिंग के जरिए ही अमीर बने हैं। उन्हें कंपनी के बारे में गुप्त जानकारियां कहीं न कहीं से बहुत बार मिलती रहती हैं।

हमारे देश में जब हर्षद मेहता स्कैम हुआ था। तब तक इंसाइडर ट्रेडिंग को अवैध नहीं माना जाता था। शायद यही वजह थी कि हर्षद मेहता स्कैम हुआ। लेकिन उसके बाद ही भारत सरकार ने SEBI अर्थात सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया गठन किया और सेबी ने इंसाइडर ट्रेडिंग को अवैध करार दिया।

भारत में SEBI का गठन कंपनी से जुड़े खास व्यक्तियों को फायदा पहुंचाने से रोकने के लिए भी किया गया था। इससे आम पब्लिक को भारी नुकसान से बचाया गया।

दोस्तो आप को हमारा इनसाइडर ट्रेडिंग पर यह लेख कैसा लगा कमेंट बॉक्स में कमेंट कर के जरूर बताएं। 

यह भी देखे : आइये जानते है क्या होता है BSE और NSE कैसे करता है यह काम

Archana Yadav

मुझे नए नए टॉपिक्स में लेख लिखना पसंद हें, मेरे लेख पढ़ने के लिए शुक्रिया आपको केसा लगा कॉमेंट करके ज़रूर बताए.

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